कंगाल कर सकते हैं आपको जॉब के नाम पर आपके बैंक अकाउंट से पैसा निकाल कर, कैसे बचे ऐसे फ्रॉड से फाइनेंशली कैसे अच्छे बने

दिल्ली मुंबई चेन्नई कोलकाता लखनऊ चंडीगढ़ अमृतसर से लेकर के तमाम शहर से रिलेटेड एरिया से सब जगह एक बहुत बड़ा फ्रॉड चल रहा है और वह फ्रॉड है जॉब से रिलेटेड ऐसे जॉब को पाने के चक्कर में ज्यादातर लोग फ्रॉड के शिकार हो जाते हैं। धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं , और फाइनेंशली उनको लूट लिया जाता है और उनके बैंक अकाउंट को जीरो कर दिया जाता है । और ऐसे में जॉब के लिए अप्लाई करने वाला वह शख्स अपनों से भी उधार मांग मांग कर के पैसा देता रहता है। और जॉब दिलाने वालों के नाम पर कंपनियों को । ऐसी कंपनियां हर जगह मिल जाएंगे आपको दिल्ली में इन कंपनियों की, जो कि जॉब के नाम पर आपको कोई जॉब नहीं दिलाते, बल्कि आपके साथ फ्रॉड करते हैं ऐसी कंपनियों का हर रोज का कमाई 5,00,000 से 1.5 करोड़ रुपए होता है और हर रोज हजारों में लोग ठगी के शिकार होते रहते हैं।

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कौन चलाता है ऐसे ठगी की के गिरोहों को

ऐसे बड़े बड़े बिजनेसमैन और ठेकेदार जिनके पास ढेर सारा पैसा होता है पुलिस को घुस देने के लिए वकीलों को घूस देने के लिए और जजों के घुस देने के लिए, ऐसे लोग अपनी टीम बैठातें हैं और फिर लूटते हैं,

उदाहरण के लिए ऐसे लोग जिनके पास पैसा होता है ऐसे लोग ऐसी छोटी मोटी कंपनियों में इन्वेस्ट करके मोटी से मोटी, अधिक से अधिक कमाई के लिए प्रेशर डालते हैं.

कैसे काम करती हैं यह ठगी गिरोह वाली कंपनियां

ठगी का काम करने वाली यह कंपनियां सबसे पहले छोटे-मोटे दुकान या ऑफिस लेती हैं जहां महीने का किराया ₹10000 से लेकर के एक डेढ़ लाख रुपए तक का होता है और फिर वहां पर 7 से 10 लड़कियां जॉब पर रखी जाती हैं । और दो से तीन चार लड़के रखे जाते हैं जिनकी अंग्रेजी काफी अच्छी होती है और यहीं से शुरू होता है ठगी का यह धंधा।

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कौन होते हैं इस घटना के शिकार

फर्जी के गिरोह के इस घटना के शिकार बड़े-बड़े शहरों मैं हर शख्स होता जो की जॉब के लिए के लिए देख रहा होता है । जो कि नए नए जॉब की तलाश कर रहा होता है ।

उदाहरण के लिए यदि हम दिल्ली की लें तो दिल्ली में करोल बाग ,पश्चिम विहार, जनकपुरी, आजादपुर, मॉडल टाउन , न्यू दिल्ली से लेकर के जितने भी एरिया होते हैं। लगभग सभी जगह पर कोई कोई छोटा सा ऑफिस लेकर के ऐसे लोग घात लगाकर बैठे होते हैं । और जैसे ही कोई इंसान इनके यहां आता है, जॉब देने के नाम पर ठगी की कार्यवाही यह लोग वहीं से शुरू कर देते हैं।

कैसे शुरू करते हैं यह लोग ठगी का काम

ऐसे ठगी के गिरोह ठगी का काम करने के लिए छोटे-छोटे पोस्टर बनाकर छोटे छोटे बैनर बनाकर हर एक चौराहे पर, हर एक खंभे पर, हर एक बस में, हर एक टेंपो में, हर एक ट्रक में, हर एक गाड़ी पर से लेकर के दीवारों तक और जहां-जहां लोग पेशाब तक करने जाते हैं वहां पर भी चिपकाए होते हैं पोस्टर

और उस पोस्टर में लिखा होता है कि अनपढ़ से लेकर ग्रेजुएट तक नौकरी पाएं इसमें तमाम कैटेगरी होती है किसी किसी में फ्रॉड करने के तरीके में लोग बताते हैं कि ।

  • अनपढ़ से लेकर ग्रेजुएट तक नौकरी पाएं दवाई पैकिंग का काम
  • अनपढ़ से लेकर ग्रेजुएट तक नौकरी पाएं कंप्यूटर चलाने का काम
  • अनपढ़ से ग्रेजुएट तक पाए नौकरी असिस्टेंट मैनेजर के पोस्ट पर
  • अनपढ़ से ग्रेजुएट तक पाए नौकरी मैनेजर के पोस्ट पर

और ऐसे ही ना जाने कितने हजारों घटिया आइडियाज इन लोगों के दिमाग में आते हैं और हर रोज ठगने के नए-नए तरीके यह लोग निकाल लेते हैं।

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मुर्गा कैसे फंसाते हैं ठगी के यह गिरोह वाले

अब जैसे ही कोई इंसान यहां मूतना मना है वाले जगह पर मूतने जाते हैं तो ऐसे ऐसे पोस्टर्स देख कर के वो लोग वहां से नंबर लिख लेते हैं या मोबाइल में नंबर लिखकर डायल कर देते हैं उसके बाद उस नंबर को अटेंड करने वाली लड़की अत्यंत मधुर भाषा बोल कर के इनको कहती है सर अपना एक आधार कार्ड या या कोई आईडी लेकर चले आइएगा और आपको जॉब मिल जाएगा।

ऐसे में जब जॉब चाहने वाला वह इंसान इनके उस दुकान पर जाता है या उस छोटे-मोटे खोले गए फ्रॉड वाले ऑफिस में जाता है । तो वहां जाकर के यह लोग सब कुछ ऐसा जताते हैं कि जैसे एकदम सब कुछ नया हो रहा है। और टुचु पुछु इंटरव्यू लेते हैं, इंटरव्यू करवाते हैं और कहते हैं सर आप 2 दिन बाद आना और एक आईडी ले लेते हैं और जितने भी पैसे होते हैं वह ₹380, ₹500 हजार रुपए कैंडिडेट से ले लेते हैं।

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अगले दिन ऐसे फंस जाते हैं नौकरी चाहने वाले लोग, इन ठगी के गिरोहों में

अगले दिन जब ऐसे लोग उसी ऑफिस में दोबारा जाते हैं तो वह लोग बहुत प्यार से कहते हैं कि बधाई हो सर आपका जॉब मिल चुका है आपको । आप असिस्टेंट मैनेजर के पोस्ट पर काम करेंगे दवाई पैकिंग का काम है आपकी सैलरी ₹25000 मिलेगी या उससे ऊपर का ही बताते हैं और फिर कहते हैं सर हम आपको ट्रेनिंग देंगे 30 दिन तक और इस ट्रेनिंग के लिए ₹250 पर डे लगता है और इस ट्रेनिंग में हम आपको अंग्रेजी सिखाएंगे कंप्यूटर सिखाएंगे और ऐसे तमाम झांसी देते हैं इसके बाद बैंक अकाउंट खुलवाने के नाम पर 15 सो रुपए या फिर2, 4, ya ₹6000 आठ लेते हैं या केवाईसी कराने के नाम पर हजार पंद्रह सौ रुपए और लेते हैं

कितने की कर देते हैं यह ठगी गिरोह वाले कमाई 1 दिन में

अब ऐसे में 1 दिन में 100 कैंडिडेट से लेकर के 200 कैंडिडेट हर रोज आते हैं उस ऑफिस में इंटरव्यू देने, तो ऐसे में सभी कैंडिडेट से ₹400 से लेकर के ₹4000 तक यह लोग तमाम तरीके के फीस के नाम पर वसूलते हैं। उसके बाद फिर हर रोज यह हर एक अलग अलग कैंडिडेट से हर एक अलग अलग फीस के नाम पर छोटे-मोटे पैसे वसूलते रहते हैं

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क्या होता है ठगी के गिरोह वाले ट्रेनिंग कंप्लीट कर लेने पर

और अंत में जब 30 दिन की ट्रेनिंग कोई गलती से भी कंप्लीट कर लेता है तो उसको नए जॉब जॉइनिंग करने के नाम पर ₹30000 या फिर ₹60000 मिनिमम मांगते हैं और फिर कहते हैं सर आपकी जॉब लग जाएगी ऐसे में जॉब चाहने वाला नौकरी की तलाश में वह सब उनको उसने पैसे दे देता है कहीं से जुगाड़ करके लोन लेकर या कुछ करके।

फिर यह लोग अपना अगला स्टेप लेते हैं जिसमें की सबसे खतरनाक गेम जो खेलते हैं और वह होता है

नौकरी के नाम पर ठगी के गिरोह लेते हैं आपके आधार कार्ड से लोन

लोन का, जी हां क्योंकि कैंडिडेट का पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, ओरिजिनल सिगनेचर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 10वीं, 12वीं, आठवीं या पांचवी क्लास की मार्कशीट अवेलेबल होती है। इलेक्शन आई कार्ड मौजूद होता है तो इन सब डाक्यूमेंट्स यह लोग कैंडिडेट से सिग्नेचर करवा कर उसके नाम पर लोन निकलवा लेते हैं यह लोन 1,00,000 से लेकर के 15 करोड़ तक का हो जाता है और फिर उस कैंडिडेट को यह लोग बताते हैं कि वह कंपनी बंद हो गई अब आपके लिए हम दूसरी जॉब की तलाश करेंगे और उसके लिए आपको अलग से ट्रेनिंग लेनी पड़ेगी।

और ऐसा करके फिर से ठगी का काम दोबारा से शुरू कर देते हैं सबसे बड़ी बात होता है कि बैंक और पुलिस वाले मिले होते हैं इनसे वकील और जज भी मिले होते हैं इनसे . तो कैंडिडेट जब ठगी का शिकार हो जाता है तो वह ना किसी पुलिस के पास जा पाता है और ना ही किसी वकील के पास जा पाता है और ना ही कोई केस करवा पाता है जब ऐसे 5000 से 10000 से ज्यादा कैंडिडेट ठगी के शिकार हो जाते हैं तो महीने का समय हो जाता है तब यह लोग वह ऑफिस और वह पूरा स्टाफ शिफ्ट करके दूसरे जगह भेजते हैं और दूसरी जगह के स्टाफ यहां भेजते हैं या ऑफिस भी शिफ्ट कर देते हैं।

जॉब के नाम पर ठगी के गिरोह ऐसे करते हैं जगह को शिफ्ट कर देते हैं और पूरे स्टाफ को भी शिफ्ट कर देते हैं

उदाहरण के लिए मान लीजिए दिल्ली के पश्चिम विहार में पूरा स्टाफ बैठता था जो कि ठगी का काम करता था जिनको की पर मंथ 30000 से लेकर के एक लाख तक सैलरी मिलती थी किसी का कम भी हो सकता है किसी का ज्यादा भी हो सकता है तो । ऐसे जितने भी एंप्लॉय थे उन सभी लोगों को इंदौर भेजते हैं और इंदौर के ऑफिस के जितने एंप्लॉय थे उन लोगों को दिल्ली बुलाते हैं या फिर जो पश्चिम विहार के थे उनको गुड़गांव भेज देते हैं और जो गुड़गांव से उनको आजादपुर भेजते हैं आजादपुर वाले को पश्चिम विहार भेजते हैं और पश्चिम विहार में वह ऑफिस जहां पर था वहां से 10 कदम दूरी पर दूसरा ऑफिस खोलते हैं दूसरे नाम पर ठगी का वही धंधा दोबारा यह लोग शुरू करते नए सिरे से।

और फिर यह लोग पर्चियां बांटते हैं पंपलेट बटवा बटवा ते हैं, बैनर बटवा ते हैं, मूतने की जगह से लेकर के, हगने की जगह तक चौराहे से लेकर के खंभे तक, हर एक ट्रैन में, हर एक बस में हर एक जगह जहां जहां संभव हो सकता है जहां जहां एक आम इंसान की नजर जाती है वहां वहां यह हरामि की औलाद ढेर सारे पोस्टर और बैनर 2000 से ₹10000 दे कर के फैला देते हैं लगवा देते हैं और फिर यह ठगी का धंधा दोबारा से शुरू होता है उसी लेवल पर।

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क्या इनके ऊपर कार्यवाही हो सकती है कभी

ठगी के ऐसे गिरोहों के ऊपर क्या कार्यवाही हो सकती है

ठगी के इन गुरुओं को पकड़ पाना बेहद कठिन होता है ठगी के यह गिरोह इतने शातिर होते हैं कि जिस क्षेत्र में स्थित होते हैं उस क्षेत्र के आईएएस , आईपीएस को डीएम, एसडीएम को जज को, वकील को पुलिस को, सबको इतना घुस खिला देते हैं कि सब घुस खा खा कर मोटे हो जाते हैं और ऐसे में यदि आप इन को पकड़वाने के लिए कोई केस दायर करते हैं तो पुलिस अपना पल्ला झाड़ लेती है ऐसे में आप ठगा सा महसूस करके रह जाते हैं । फिर आप या तो सुसाइड कर लेते हैं या फिर दूसरी जॉब तलाश करते हैं इस देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं जो हर रोज जॉब खोजते हुए ऐसे हरामियों के पास और ठगी के शिकार होना शुरू हो जाते हैं।

कैसे बच सकते हैं आप इन ठगी के गिरोहों से

नौकरी के नाम पर झांसा देने वाले इन ठगी के करोड़ों से कैसे बचा जाए

  1. किसी भी चौराहे पर लगे हुए पोस्टर से नंबर ना लें जिस पर लिखा होता है कि अनपढ़ से ग्रेजुएट तक नौकरी पाएं
  2. किसी भी बिजली के खंभे से जो पोस्टर लगा हुआ है अनपढ़ से ग्रेजुएट तक नौकरी पाएं वहां से नंबर का भी ना लें
  3. जो दावा करता है कि अनपढ़ से ग्रेजुएट तक सबको नौकरी देंगे वह भी मैनेजर की तो ऐसा बंदा गद्दार है साला, ऐसे गद्दार से नौकरी की उम्मीद मत रखो यह उम्मीद रख कर ठगी करेगा।
  4. अगर आप यह पोस्ट पढ़ रहे हैं और उनका ठगी के इन गद्दार के गिरोह में फंस गए हैं तो याद रखिए उनको कोई भी रुपया नहीं देना है
  5. ऐसे नौकरी का झांसा देने वाले गिरोहों से साफ-साफ कह दीजिए कि हमारे पास कोई भी पैसा नहीं है ना तो रजिस्ट्रेशन का ना तो किसी और तरीके का पैसा
  6. ऐसे ठगी के गिरोहों से आप कह सकते हो कि आपके पास पैसा नहीं है जब आप नौकरी पा जाएंगे तो उसे पैसे में से थोड़ा थोड़ा पैसे काटते रहना
  7. यदि आप ऑटो में बैठे और वहां कोई ऐसा पोस्टर छपा हो कोई ऐसा पंपलेट छपा हो जिस पर लिखा हो अनपढ़ ग्रेजुएट तक पाए नौकरी तो ऐसे किसी भी नंबर को नोट डाउन ना करें
  8. कोई भी इंसान यदि आपको पोस्टर छपता हुआ मिले या पोस्टर चिपका हुआ मिले तो उस हरामि को गिरा कर मारो पहले फिर साले को जाने दो
  9. ऐसे ठगी के ग्रहों से बचने के लिए कभी भी उनका नंबर ना डायल करो
  10. ऐसे ठगी के गिरोह आपसे आपका सारा आईडेंटिटी कार्ड ले लेते हैं और फिर उसका मिस यूज करते हैं जैसे लोन ले लेना या दूसरी घाटे आपको पहुंचा सकते हैं ब्लैकमेल भी कर सकते हैं
  11. ऐसे ठगी के गिरोह आपसे अच्छी खासी सैलरी का वादा करते हैं आप खुद सोचिए आप जब अनपढ़ हैं तो आपको ₹25000 शुरू शुरू में नौकरी में कौन दे देगा

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क्या-क्या घाटे हो सकते हैं आप को इन ठगी के गिरोहों से

क्योंकि आपका सारा डॉक्यूमेंट आप इन ठगी के गिरोहों को दे देते हैं नौकरी पाने के नाम पर तो यह उसका तमाम तरीके से मिस यूज कर सकते हैं दुरुपयोग कर सकते हैं जैसे कि

आधार कार्ड पर लोन क्योंकि आजकल सिर्फ आधार कार्ड पर लोन मिल जाता है ऐसे में कई हरामि है और गद्दार एनबीएफसी कंपनियां है या ऐसे गद्दार बैंक मैनेजर है जो कि सिर्फ आधार और आधार कार्ड पर आप किसी नेचर से ही ऐसे गद्दार और ठगी गिरोहों को लोन दे देते हैं यानी नाम आपका हुआ सिग्नेचर आपका आधार कार्ड आपका हुआ । लेकिन उस पर लेने वाला लोन वह गद्दार ठगी का गिरोह था जो आपके आधार कार्ड पर लोन ले लेता है इसमें बैंक के मैनेजर जो शामिल होते हैं उस वाले का तार होते हैं और थोड़े से फायदे के चक्कर में यह बैंक के मैनेजर गद्दार साले वह लोन पास करा घाटा किसको हुआ आपको आत्महत्या किसको करनी पड़ेगी आपको और यदि आप समझदार है तो बैंक इस फ्रॉड को फ्रॉड के केस में निकाल कर इस मैटर को रफा-दफा कर देगी और भगोड़ा घोषित कर देंगे आपको

  • आप की मार्कशीट और दूसरे एड्रेस प्रूफ के आधार पर आप के नाम पर सिम निकाल दिया जाता है और ठगी के गिरोह फिर इनको दुरुपयोग करते हैं
  • यह ठगी के गिरोह आपके उस असली आई डी से नए-नए सिम कार्ड यूज करते हैं निकालते हैं और उसका दुरुपयोग करते हैं
  • यह फर्जी ठगी के गिरोह आपके आईडी कार्ड से नए प्रोफाइल बनाते हैं और फिर उसका दुरुपयोग करते हैं
  • यह ठगी के फर्जी गिरोह आपके उस आईडी को तमाम तरीके की योजना और स्कीम में यूज मिलाते हैं प्रयोग में लाते हैं

यह फर्जी ठगी के गिरोह यदि आप गांव से रिलेटेड है

  • तो आप के गद्दार ग्राम प्रधान से मिल कर के आप के गांव पर जितनी सरकारी योजनाएं हैं
  • उन सब का लाभ उठा लेती हैं और आप थका हुआ महसूस करते हैं आपको कुछ पता नहीं होता ले
  • किन आप के नाम पर तमाम ग्रामीण योजनाओं का लाभ यह था कि के गिरोह उठा लेते हैं
  • यदि आपके पास राशन कार्ड है तो उस राशन कार्ड का भी दुरुपयोग यह ठगी के गिरोह करते हैं
  • और आपकी ग्राम प्रधान के साथ मिलकर के जिला अधिकारी और दूसरे अधिकारियों से जो कि गद्दार होते हैं साले उनसे मिलकर के फायदा उठाते हैं

ऐसी हजार बातें हैं जिनसे यह गद्दार फर्जी के गिरोह धड़ल्ले से अपनी फर्जी की और ठगी की गिरोह को चलाते हैं इनमें ना तो सरकार कोई कदम उठाती है और ना ही कोई पुलिस वाला कुछ काम करता है इनके पक्ष में क्योंकि यह जिस एरिया में होते हैं जिस छेत्र में होते हैं वहां के एमपी एमएलए को भी खरीद लेते हैं उनको पैसे में तोल देते हैं । तो भारत जैसे बड़े देश में ऐसे गद्दारों को रोका नहीं जा सकता लेकिन आप अपनी सावधानी का प्रयोग करके ऐसे किसी भी फर्जी गिरोह के ठगी के जाल में फंसने से अपने आप को बचा सकते हैं और अपने आधार कार्ड या पैन कार्ड या किसी भी दूसरी आईडेंटिटी कार्ड को किसी फर्जी काम में दुरुपयोग होने से बचा सकते हैं।

एसबीआई जीरो बैलेंस खाता ऐसे खुलवाएं

ध्यान रखने वाली बातें

  • कोई भी या कंपनी आफ कांस्टेंट जॉब की ऑफर नहीं करता
  • यदि डायरेक्टली किसी ने आपको जॉब का ऑफर दिया है तो वह साला फ्रॉड होता है
  • यदि आप पढ़े लिखे नहीं हैं और कोई अपना रिश्तेदार ना हो कोई अपना जान पहचान का ना हो तो ऐसे में वह व्यक्ति यदि आप से कहता है कि मैं आपको जॉब दिला दूंगा तो वह साला फ्रॉड है वह गद्दार साला ऐसे गद्दारों के चक्कर में ना पड़े
  • यदि कोई गद्दार आपसे कहता है कि आप आधार कार्ड और पैन कार्ड लेकर चले आना उस पे सिग्नेचर करके जमा कर देना या ऐसा करवाता है तो गद्दार पर कतई भरोसा ना करें
  • ऐसे पंपलेट या पोस्टर पर कभी भी भरोसा ना करें जिस पर लिखा होता है अनपढ़ से ग्रेजुएट तक नौकरी पाएं
  • ऐसे बैनर पोस्टर या पंपलेट से कभी भी नंबर ना लें जिस पर लिखा होता है कि आपको नौकरी दिलाएंगे हम देश की बड़ी कंपनी में
  • देश की कोई भी कंपनी कभी भी पोस्टर पर बैनर पर पंपलेट पर जॉब कार्ड कभी पोस्ट नहीं करवाती
  • जितने बैनर या पोस्टर गाड़ियों में ऑटो में बसों में मेट्रो में ट्रेन में या कहीं और भी खंभे पर या मौत ने की जगह पर हगने की जगह पर लगे होते हैं वह सब के सब फ्रॉड होते हैं
  • यदि आप मूतने जाए तो वहां छपे हुए पंपलेट या बैनर से कभी भी नंबर ना लें जिस पर छपा होता है कि आप जॉब पाए हम आपको जॉब दिलाएंगे गारंटी है कोई कंपनी इतनी बिक्री हुई नहीं है कि वह मूतने की जगह पर जॉब के ऐसे पंपलेट या बैनर छपवा आएगा
  • यदि आप हगने जाए तो भी कभी कोई नंबर ना लें किसी पंपलेट किसी पोस्टर से कोई नंबर ना ले जिस पर लिखा होता है कि हम आपको जॉब दिलाएंगे
  • यदि ऐसे किसी गिरोह के चक्कर में आप पड़ गए हैं और ऐसे किसी गद्दार फर्जी गिरोह के चक्कर में बुरी तरह फंस गए हैं तो आप सबसे पहले 100 नंबर डायल कीजिए और उनको बताइए कि आपके साथ क्या-क्या हुआ है कैसे आपके आधार कार्ड पर इन गद्दारों ने लोन लिया है यह सारा सिचुएशन एक्सप्लेन करके सो नंबर को अवगत कराएं किसी थाने पर भरोसा ना करें उस थाने का इंचार्ज गद्दार हो सकता है साला।
  • डायरेक्ट पुलिस वालों पर भरोसा कभी भी ना करें क्योंकि आप डायरेक्टली किसी थाने में जाकर सो नंबर पर डांटली थाने में जाकर f.i.r. लिखो आएंगे तो वह आपको कागज की पर्ची ऐसे थमा देंगे जिस पर आप कभी भरोसा मत करना और आप चक्कर पर चक्कर काटते करेंगे लेकिन आपको कोई इंसाफ न्याय घंटा भी नहीं मिलेगा

एटीएम से न निकले पर खाते से पैसा काट? क्या करें ?

आधार कार्ड पैन कार्ड लिंक डेट एक्सटेंडेड

अकाउंट डिटेल शेयर न करें बचें भारी नुकसान से आईसीआईसीआई बैंक

18 साल के होते ही खुलेगा जन धन बैंक अकाउंट-न्यूज़

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