बैंक लोन के प्रकार भारत में

भारत में कितने प्रकार के बैंक लोन हैं या फिर जितनी भी अलग अलग तरीके के बैंक लोन भारत में सभी एनबीएफसी और बैंक प्रोवाइड करते हैं उनके बारे में जानेंगे यहां पर विस्तार में

जब भी आपको किसी बिजनेस के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है या इमरजेंसी में फाइनेंसियल कंडीशन के लिए अपने को सक्षम बनाना चाहते हैं या मान लीजिए आप किसी दूसरी चीज को खरीदने के लिए या फिर बेहद जरूरी काम को करने के लिए जो मदद आप बैंक से लेते हैं या जो मदद आप एनडीएफसी से लेते हैं उसे ही कर्ज कहते हैं या उसे ही लोन कहते हैं। लोन भारत में फाइनेंस कंपनी या फिर बैंकों से लिया जाता है। इसके लिए कोई भी फाइनेंस कंपनी और बैंक ब्याज और सूत समेत पूरा अमाउंट कस्टमर से लेते हैं तो इसमें बैंकों का भी काम चल गया उनको फायदा हो गया और कस्टमर का भी काम निकल गया उनका भी अपना काम हो गया।

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लोन या ऋण क्या है?

लोन एक ऐसी अमाउंट है जो तय समय में आपको बैंक से या किसी आर्थिक संस्थान से मिलता है वह भी उधार पर। इसमें बैंक आपको ऋण दाता के तौर पर आपको ऋण देते हैं इसके बाद उस उधार दिए गए राशि पर आप से ब्याज के रूप में मूलधन और ब्याज धन वसूलते हैं। बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋण आरबीआई के सभी नीतियों के अंतर्गत आते हैं इसमें कोई भी इंसान बिजनेसमैन से लेकर के जॉब करने वाला इंसान या फिर सेल्फ एंप्लॉयड या फिर कोई भी व्यक्ति जो कि अनइंप्लॉयड है वह भी बैंकों से लोन ले सकता है।

लोन के कितने प्रकार हैं?

सामान्यतः लोन किसी भी देश में दो प्रकार का होता है और इन्हीं दोनों तरीकों के अंतर्गत ज्यादातर लोन आते हैं

  • सुरक्षित ऋण यानी सिक्योर्ड लोन
  • असुरक्षित ऋण या अनसिक्योर्ड लोन

सुरक्षित ऋण क्या होता है ? सिक्योर्ड लोन क्या होता है?

सिक्योर्ड लोन 1 तरीके से जब आप बैंक के पास अपनी कोई संपत्ति गिरवी रखते हैं या अपना कोई सामान गिरवी रखते हैं तो उसे सुरक्षित ऋण कहते हैं । सुरक्षित ऋण के अंतर्गत रखी गई आपकी गिरवी संपत्ति आपके द्वारा लोन ना चुकाने पर बैंक आपकी संपत्ति बेचकर पैसा वसूलते हैं । ऐसा तब होता है जब आप समय पर लोन नहीं चुका पाते हैं, तो ऐसे समय में बैंक के पास दूसरा ऑप्शन नहीं बचता और वह आपकी गिरवी संपत्ति को या गिरवी सामान को बेच करके पैसा वसूल लेते हैं। सिक्योर्ड लोन में ब्याज दर कम होता है, जबकि अनसिक्योर्ड लोन में ब्याज दर ज्यादा होता है।

सिक्योर्ड लोन के कितने प्रकार हैं?

सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत प्रॉपर्टी लोन, गोल्ड लोन, होम लोन या दूसरे लोन भी आते हैं। जिसमें आपका सामान गिरवी रखा होता है सरकार के पास या बैंक के पास ।

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होम लोन

होम लोन 1 तरीके से सिक्योर्ड लोन का एक भाग होता है, बैंक से आप जितना भी होम लोन लेते हैं वह सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है ऐसे में यदि कोई इंसान अपना नया घर खरीदना चाहता है, या नए घर की मरम्मत करना चाहता है तो ऐसे में बैंक उस कस्टमर की संपत्ति गिरवी रख कर के पैसा देते हैं। इसके आधार पर कोई भी व्यक्ति अपना घर खरीद सकता है या बना सकता है यह सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट लोन

किसी भी फिक्स डिपॉजिट पर लिया गया लोन सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है । और ऐसे में जब व्यक्ति लिया गया लोन चुका नहीं पाता तो बैंक उस फिक्स डिपॉजिट या फिर एफडी से लोन का दिया गया अमाउंट काट लेता है यह बेस्ट ऑप्शन रहता है उन लोगों के लिए जो अपना क्रेडिट स्कोर कम समय में बढ़ाना चाहते हैं , फिक्स डिपॉजिट पर लोन लेने के लिए बैंक, फिक्स डिपाजिट का 90% तक अमाउंट आपको लोन के तौर पर दे देते हैं। इसके लिए क्रेडिट स्कोर की जरूरत बिल्कुल भी नहीं पड़ती या फिर फिक्स डिपॉजिट पर आप क्रेडिट कार्ड भी बनवा सकते हैं, जो कि इंडिया में बेहद प्रचलित है और लोग काफी मजे से प्रयोग में लाते हैं इसे।

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गोल्ड लोन

गोल्ड लोन एक तरह से सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है , गोल्ड लोन में आप अपना गोल्ड, अपना सोना गिरवी रख कर के उस पर आप लोन लेते हैं, यह अमाउंट 2000 से लेकर के ₹20,00,00,000 तक हो सकता है गोल्ड लोन 1 तरीके से बेहद उम्दा और बेस्ट मानी जानी लोन है जो कि सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है।

प्रॉपर्टी लोन

प्रॉपर्टी लोन भी सुरक्षित लोन के अंतर्गत में आता है। प्रॉपर्टी लोन के अंतर्गत किसी प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए जब कोई उधार लेने वाला व्यक्ति लोन लेता है। तो यह लोन उस खरीदी जाने वाली प्रॉपर्टी पर दिया जाता है , ऐसे में होता क्या है, जब कोई भी व्यक्ति प्रॉपर्टी लोन समय पर नहीं चुका पाता या चुका पाने में असमर्थ हो जाता है, तो बैंक खरीदी गई उस संपत्ति को ज़ब्त करके नीलामी करके प्रॉपर्टी लोन वसूलता है।

अनसिक्योर्ड लोन या असुरक्षित ऋण

असुरक्षित ऋण या फिर अनसिक्योर्ड लोन एक ऐसा लोन होता है, जिसके लिए बैंक आपसे कोई संपत्ति गिरवी नहीं रख पाते, जिसके लिए बैंक आपसे कोई गारंटी नहीं रख पाते। असुरक्षित ऋण कई फैक्टर्स पर डिपेंड करता है कि कर्ज लेने वाले इंसान को कितना लोन मिलेगा, उसकी वर्तमान वित्तीय अवस्था को देखकर या फिर उसके आय के साधन को देख कर के या फिर उसके सिबिल स्कोर को भी देख कर के दिया जाने वाला लोन होता है। असुरक्षित लोन के अंतर्गत पर्सनल लोन आते हैं शॉर्ट टर्म बिजनेस लोन आते हैं, क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के ऊपर लिया गया लोन आता है, एजुकेशन लोन भी आता है, या दूसरे जितने भी लोन होते हैं, जिसमें किसी गारंटर की जरूरत नहीं पड़ती उसको अनसिक्योर्ड लोन कहते हैं।

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असुरक्षित ऋण कितने प्रकार का होता है

अनसिक्योर्ड लोन या फिर असुरक्षित ऋण कई प्रकार के होते हैं । जिनमें से सबसे विशेष रूप से प्रचलित लोन है पर्सनल लोन, दूसरा होता है एडुकेशन लोन, तीसरा होता है वाहन लोन, चौथा होता है शॉर्ट टर्म बिजनेस लोन, पांचवा होता है क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड पर लिया गया लोन ।

एजुकेशन लोन

पढ़ाई के समय या फिर एक उच्च शिक्षा के लिए जो विद्यार्थी लोन लेते हैं, उसे एजुकेशन लोन कहते हैं। इस एजुकेशन लोन के अंतर्गत बेसिक फ़ीस को इंक्लूड करके आवास या फिर हॉस्टल शुल्क, परीक्षा शुल्क या दूसरे रहने खाने के शुल्क को एजुकेशन लोन के अंतर्गत इंक्लूड करते हैं। एजुकेशन लोन के अंतर्गत विद्यार्थी को अपनी शिक्षा समाप्ति के बाद जॉब लगने पर थोड़े थोड़े पैसे करके लौटाने होते हैं । विद्यार्थी के साथ-साथ उसके भाई-बहन पत्नी अपने पति या फिर माता-पिता भी को- एप्लीकेंट बड़े आराम से बन सकते हैं। सामान्यतया एजुकेशन लोन पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज के लिए, ग्रेजुएशन कोर्स के लिए, वोकेशनल कोर्स के लिए, पार्ट टाइम कोर्स के लिए, मैनेजमेंट कोर्स के लिए, या इंजीनियर कोर्स के लिए, या मेडिकल लाइन से रिलेटेड कोर्स के लिए, या फिर किसी भी दूसरे फुल टाइम कोर्स के लिए लिया जा सकता है। एजुकेशन लोन अनसिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है।

पर्सनल लोन

पर्सनल लोन 1 तरीके से अनसिक्योर्ड लोन के श्रेणी का ही एक तरीके का लोन है । प्रजेंट में भी पर्सनल लोन को काफी तवज्जो दिया जाता है ।पर्सनल लोन सबका मनचाहा लोन होता है। पर्सनल लोन एक तरीके का अनसिक्योर्ड लोन होता है। जो कि बिना ज्यादा झंझट के बिना ज्यादा डाक्यूमेंट्स के आसानी से लोगों को मिल जाता है । लोगों की वर्तमान परिस्थिति देखकर जिनमें कि एप्लिकेंट व्यक्ति के स्थिर आए या फिर अच्छे क्रेडिट स्कोर जिसे सिबिल स्कोर भी कहते हैं और वर्तमान वित्तीय परिस्थिति भी देख कर के पर्सनल लोन दिया जाता है। पर्सनल लोन की सबसे खास बात है किसी भी इमरजेंसी के टाइम पर, घर की मरम्मत के लिए, हायर एजुकेशन या फिर उच्च शिक्षा के लिए बच्चों की दूसरी शिक्षा के लिए या फिर शादी के लिए, किसी प्राकृतिक आपदा के लिए, किसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए या छुट्टियों के लिए भी पर्सनल लोन लिया जा सकता है। भारत में वर्तमान में पर्सनल लोन चहेता और पसंदीदा लोन है । जो कि बेहद आसानी से मिल जाता है, सिक्योर्ड लोन की अपेक्षा।

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व्हीकल लोन या वाहन लोन

वाहन लोन एक प्रकार से अनसिक्योर्ड लोन है। इसके अंतर्गत जब कोई व्यक्ति अपने लिए नया वाहन लेना चाहता है , या कोई व्यवसाय शुरू करने के लिए नया वाहन लेना चाहता है तो ऐसे में काम आता है, व्हीकल लोन व्हीकल लोन एक तरीके का अनसिक्योर्ड लोन होता है। और इसके अंतर्गत कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती है साथ ही किसी और दूसरे तरीके की कोई संपत्ति भी आपको गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती है। वाहन लोन लेने वाले व्यक्ति को ब्याज दर ज्यादा देना पड़ता है। लेकिन अगर क्रेडिट रैंकिंग और क्रेडिट हिस्ट्री के सिविल स्कोर भी काफी अच्छा होता है, तो वह लोन काफी कम ब्याज पर उपलब्ध हो जाता है।

शॉर्ट टर्म गोल बिजनेस टाइप

इस अनसिक्योर्ड लोन के तहत किसी भी व्यक्ति को छोटे मोटे खर्चे निपटाने के लिए या अपने व्यवसाय के दूसरे खर्चों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जो लोन लिया जाता है, वह लोन शॉर्ट टर्म बिजनेस लोन कहलाता है कोई भी स्टार्टअप या फिर उद्योगपति या फिर दूसरे सेल्फ एंप्लॉयड लोग भी यह लोन ले सकते हैं, इस लोन के अंतर्गत किसी भी तरीके का उपकरण वह कल नहीं मशीनरी या कलपुर्जे खरीदने के लिए या तत्काल किराया देने के लिए या फिर दूसरे ने किसी और भी तरीके के खर्चे को निपटाने के लिए शॉर्ट टर्म बिजनेस लोन का प्रयोग किया जाता है।

क्रेडिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड लोन

क्रेडिट कार्ड भी एक तरीके से अनसिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है। क्रेडिट कार्ड किसी भी व्यक्ति के मौजूदा सैलरी उसके पास आय के क्रेडिट हिस्ट्री को देखकर, उसके सिविल स्कोर को देखकर या क्रेडिट स्कोर को देखकर, उसकी चुका पाने की क्षमता को देखकर या दूसरे पास्ट में लिए गए EMI को देख कर के क्रेडिट कार्ड दिया जाता है क्रेडिट कार्ड 1 तरीके से अनसिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है क्रेडिट पार्क कार्ड पर लिया गया लोन भी अनसिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है भारत में इस समय पर जितने भी बैंक प्रचलित हैं या प्रचलन में हैं लगभग सारे बैंक क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाते हैं यदि आप लेबल है तो आपको क्रेडिट कार्ड मिल जाता है।

समय के अनुसार लोन कितने प्रकार का होता है

यदि अवधि के अनुसार लोन को देखें तो अवधि तीन प्रकार के होते हैं, पहला होता है।

लोंग टर्म गोल लोन

लॉन्ग टर्म लोन 4 साल से अधिक का समय होता है या फिर 6 साल या 7 साल से भी ज्यादा का समय होता है जिसके अंतर्गत आप लॉन्ग टर्म लोन लेते हैं इसके चुकाने की लंबी अवधि होती है इसको इसीलिए लॉन्ग टर्म लोन कहते हैं।

मिडल टर्म लोन

मिडल टर्म लोन के अंतर्गत 1 साल से लेकर के 3 साल तक का समय या फिर 4 साल तक का भी समय भी होता है यानी आप 3 से 4 साल में मिडल टर्म लोन को चुका सकते हैं या फिर 1 साल में भी चुका सकते हैं या आप पर डिपेंड करता है

शॉर्ट टर्म लोन

1 साल से कम समय के जितने भी लोन आप लिए होते हैं वह सभी लोन शॉर्ट टर्म लोन के अंतर्गत आते हैं।

भारत में मौजूदा बैंक एनबीएफसी कितने तरीके के लोन प्रोवाइड करते हैं

भारत में मौजूदा समय में बैंक के या कोई भी एनबीएफसी नीचे दिए गए लोन के प्रकार प्रोवाइड करता है-

गोल्ड लोन

गोल्ड गिरवी रख रख कर लेने वाले लोन को ही गोल्ड लोन कहा जाता है जिसमें आपका गोल्ड लोन , गोल्ड लोन देने वाले बैंक के लॉकर में सिक्योर रखा जाता है, और आपका गोल्ड जितना है उसकी वैल्यू के कीमत के हिसाब से 70% से लेकर के 90% तक का लोन आपको बैंक आमतौर पर दे देते हैं या दूसरे भी जितने एनबीएफसी हैं उनका भी सेम तरीका होता है इमरजेंसी के समय में काम आने वाला लोन अक्सर गोल्ड लोन होता है। पर्सनल लोन की अपेक्षा काफी कम ब्याज दर देना होता है, गोल्ड लोन के अंतर्गत मुथूट फाइनेंस से लेकर के एचडीएफसी बैंक गोल्ड लोन देता है एसबीआई बैंक भी गोल्ड लोन देता है और पंजाब नेशनल बैंक में गोल्ड लोन देता है, साल भर के ब्याज की बात करें तो गोल्ड लोन पर 8% से लेकर के 12 परसेंट तक भी हो सकता है या ऊपर नीचे भी हो सकता है।

पर्सनल लोन

इस तरीके के अनसिक्योर्ड लोन में जैसा कि आपने ऊपर पढ़ ही लिया होगा की पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है तो ऐसे में आप पर्सनल लोन को कहीं पर भी यूज कर सकते हैं । कहीं पर भी प्रयोग में ला सकते हैं , चाहे वह किसी इमरजेंसी फंड के लिए या किसी प्राकृतिक आपदा के लिए या किसी को गिफ्ट देना हो तब या फिर घर के कोई सामान खरीदने के लिए या मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज कराने में या कहीं दूसरे देश की सैर करने में या भारत में ही या दूसरे काम हो जैसे शादी में भी, आप पर्सनल लोन का प्रयोग कर सकते हैं, क्योंकि पर्सनल लोन एक तरीके का अनसिक्योर्ड लोन होता है, तो इसके लिए आपको ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है, मौजूदा समय में भारत में पर्सनल लोन लेने के लिए कई बैंक आपको सिर्फ सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट आधार कार्ड और पैन कार्ड से ही आपको 10,000 से लेकर के 15 लाख तक का पर्सनल लोन इंस्टेंट ऑफर कर देते हैं। इसमें सिविल स्कोर की भी अहम भूमिका रहती है और सिविल स्कोर के आधार पर ही आपका ब्याज कम या ज्यादा तय किया जाता है तो पर्सनल लोन के लिए आपको ज्यादा दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ती । यदि बैंकों की बात करें तो एचडीएफसी बैंक पर्सनल लोन पर 11% से लेकर के 21% तक का ब्याज चार्ज करता है जबकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बात करें तो 12% से लेकर के 17% तक का ब्याज साल भर में ले लेते हैं, वही पीएनबी का रेट भी 10% से लेकर के 17% तक या उससे ज्यादा हो सकता है।

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लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी या प्रॉपर्टी लोन

प्रॉपर्टी लोन 1 तरीके से सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आते हैं और इसके लिए आपको अधिकतम 15 साल से 25 साल तक के समय के लिए आपको प्रॉपर्टी लोन मिल जाता है। आपके प्रॉपर्टी के कीमत से 90% तक प्रॉपर्टी लोन उपलब्ध हो जाता है । लेकिन इसमें सबसे बड़ा घाटा होता है, कि यदि आप बैंक को समय पर लोन लौटा नहीं पाते हैं तो बैंक आपके प्रॉपर्टी कोशिश करके प्रॉपर्टी को नीलाम कर के आपको या आपसे दिया गया लोन का पैसा वसूल लेता है।

लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज

लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी एक तरीके से इस तरीके के लोन है । जिसमें आप आपके शेयर या फिर किए गए इन्वेस्ट को ध्यान में रख कर दिया गया लोन होता है। इसमें आपके जितने भी इन्वेस्टमेंट पेपर होते हैं उसी के आधार पर आपके लोन की वैल्यू तय होती है, फिर आपको लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज का लोन दिया जाता है यह विषय सामान्यतया शेयर मार्केट या दूसरे इन्वेस्टमेंट से संबंधित होता है।

सिक्योर्ड होम लोन

क्योंकि होम लोन सिक्योर्ड होम लोन के अंतर्गत आता है इसके लिए आपकी घर की 90% तक का जितना वैल्यू होता है उतना होम लोन आपको घर बैंक दे देता है आपके घर की पेपर्स के ऊपर इसका समय 4 साल से शुरू होकर के 20 साल तक का भी हो सकता है।

तो हमने जाना है कि कितने तरीके के लोन होते हैं ?और कैसे कैसे वह लोन हमको मिल सकते हैं ? यह जानकारी डिटेल में आपको यहां पर मिल गई उम्मीद करते हैं, की आप की जितनी भी डाउट है सारे क्लियर हो गए होंगे। यदि फिर भी कोई डाउट आपके मन में रहता है , तो आप कमेंट बॉक्स में जरुर शेयर कर सकते हैं यदि यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो आप अपने दोस्तों के साथ या अपने फैमिली के साथ या सोशल मीडिया नेटवर्क पर भी शेयर कर सकते हैं जहां पर आपको पसंद आए , और आप दूसरों को भी हेल्प कर पाए।

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