पर्सनल लोन की ब्याज दर कैसे कम करें बेहतर सिबिल स्कोर के साथ

क्या आपने कभी पर्सनल लोन लिया है ? क्या आपने कभी नोटिस किया है कि लिए गए पर्सनल लोन पर या लिए गए होम लोन पर ब्याज दर ज्यादा क्यों होता है या कई बार ऐसे भी लोग होते हैं जिनके पर्सनल लोन पर ब्याज दर काफी कम होता है या उनके होम लोन पर ब्याज दर काफी कम होता है।

तो जब भी आप कभी पर्सनल लोन लेते हैं या फिर होम लोन लेते हैं या किसी और टाइप का लोन लेते हैं तो उसका ब्याज दर ज्यादातर निर्भर करता है, आपके सिविल स्कोर पर कि आपका सिबिल स्कोर क्या है ? एक बेहतर सिविल स्कोर का मतलब होता है कि आपको मिलने वाला ब्याज दर काफी बेहतर मिलेगा या नहीं। जो लोन ले रहे हैं आप उस पर ब्याज दर काफी कम मिलेगा । तो ऐसे में आइए जानते हैं सिबिल स्कोर के बारे में और पर्सनल लोन के बारे में और इनका आपस में क्या संबंध है इसके बारे में जानते हैं।

जब भी बात कभी इमरजेंसी फंड की आती है या किसी अनप्लांड फंड की आती है या फिर शादी के लिए, पढ़ाई के लिए या फिर किसी काम धंधे संबंधित या किसी इमरजेंसी इलाज के लिए या किसी दूसरी और इमरजेंसी फंड के लिए, जब भी आपको पैसों की जरूरत पड़ती है और पैसे होते नहीं आपके पास, तो ऐसे में आपके पास एक ऑप्शन होता है और वह होता है पर्सनल लोन की फिर आप पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करते हैं, और बैंक आप का क्रेडिट हिस्ट्री, सिबिल स्कोर और आप पैसा कितने टाइम में चुका पाने में सक्षम है कि नहीं यह सब देखकर तय करता है कि आपका ब्याज दर क्या होगा?

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सिबिल स्कोर के बारे में डिटेल में

आइए जानते हैं कि सिविल स्कोर क्या है? कैसे काम करता है? सिविल स्कोर बनता कैसे हैं ? बनाता कौन है सिविल स्कोर ? किसके हवाले होता है इन सब के बारे में।

तो दोस्तों सिबिल स्कोर का फुल फॉर्म होता है क्रेडिट इनफॉरमेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड यानी यह क्रेडिट ब्यूरो या क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी है जो कि किसी भी इंसान के महीने दर महीने के आंकड़ों को एनालाइज करती जाती है , और इकट्ठा करती रहती है और इनको समय-समय पर अपडेट करती रहती है। क्रेडिट हिस्ट्री या क्रेडिट रिपोर्ट में आपके द्वारा कुल लिया गया अकाउंट या आपने कितना कर्ज लिया कहां-कहां से कर्ज लिया कुल कितने पास कितने क्रेडिट अकाउंट है आपके पास। आपने समय-समय पर पे किया कि नहीं। आपकी री पेमेंट हिस्ट्री क्या है ? कितनी बार आपने पेमेंट देर से किया? कितनी बार आपने पेमेंट नहीं दिया ?कितनी बार आपने भुगतान में देरी की या भुगतान में चूक गए? कितने बकाया राशि थी आपकी कार्यों से संबंधित ?आपकी क्रेडिट लिमिट क्या थी? आपके पास कितने क्रेडिट कार्ड है ? क्रेडिट कार्ड में कितना मैक्सिमम लिमिट है ? आदि से संबंधित जानकारियां क्रेडिट ब्यूरो के पास होता है, सिविल के पास होता है । इस देश में अलग-अलग संस्थाएं हैं क्रेडिट ब्यूरो के लिए। जो कि बैंकों से क्रेडिट कार्ड कंपनियों से एनबीएफसी से या दूसरे वित्तीय संस्थानों से यह सब डाटा जुटा पाते हैं । और इन सब डाटा को तैयार करने में क्रेडिट स्कोर तय होता है।

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं पर्सनल लोन लेकर

कैसे तय होता है क्रेडिट स्कोर?

क्रेडिट स्कोर कई फैक्टर्स पर डिपेंड करता है जिसमें समय-समय पर किया गया पेमेंट, जिसमें से आपकी जो लिमिट है उससे कम यूज करना चाहिए चाहे वह क्रेडिट कार्ड हो या फिर होम लोन हो, समय-समय पर लोन चुका देना चाहिए । EMI चुका देना और आपका बैंक बैलेंस हमेशा अच्छा रहना चाहिए । यह सब अगर आपका अच्छा है तो यह आपकी क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में मदद करते हैं ऐसे में जब आप किसी लोन के लिए या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं तो ब्यूरो कार्यालय जो मनीलैंडर्स होते हैं वह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट मांगते हैं और इसी क्रेडिट स्कोर से वह तय करते हैं कि आप कितना ब्याज देंगे उन्हें । यानी क्रेडिट स्कोर अगर आपका अच्छा है 760 के पार है तो आपका जो ईएमआई का ब्याज होता है वह 8% या 9 परसेंट से लेकर के 10 परसेंट भी हो जाता है लेकिन अगर आपका सिविल स्कोर अच्छा नहीं है 700 से नीचे है तो आपको वही जो ब्याज देना होता है वह करीब 15% से 22% तक ऊपर ही होता है ।

यदि बात सिबिल स्कोर के अच्छे और बुरे की बात करें तो 600 से नीचे का सिविल स्कोर काफी खराब माना जाता है । जब कि 750 से ऊपर का सिविल स्कोर काफी अच्छा माना जाता है और 700 से ऊपर अच्छा माना जाता है जबकि 800 से ऊपर सिविल इसको काफी अच्छा माना जाता है तो यदि आपको सिविल स्कोर काफी ज्यादा है तो आपका लोन या क्रेडिट कार्ड जल्दी ही आपको अप्रूव हो जाता है और मिल जाता है तो इसलिए क्रेडिट स्कोर को हमेशा अच्छा बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए चाहे वह समय-समय पर रिपेमेंट की बात हो यह चाहे फिर समय पर EMI देने की बात हो।

पर्सनल लोन कब लेना चाहिए आपको

पर्सनल लोन और सिबिल स्कोर की संबंध

पर्सनल लोन 1 तरीके से कहीं-कहीं निर्भर होता है सिबिल स्कोर पर यानी एक इंसान का सिविल स्कोर काफी अच्छा है 750 के पार है तो उसको पर्सनल लोन अमाउंट भी अच्छा मिलता है और ईएमआई जो चुकाना पड़ता है उसमें ब्याज काफी कम देना पड़ता है यानी सिविल स्कोर अच्छा रखेंगे तो आपको ब्याज कम देना पड़ता है। जितने भी भारतीय संस्थान हैं जो कि वित्तीय व्यवस्था में है या विधि व्यवस्था में परिचालन रखते हैं चाहे वह बैंक हो चाहे कोई भी आर्थिक संस्थानों चाहे कोई भी एनबीएफसी हो भारत के वित्तीय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण भाग है । लैंडर्स सिविल स्कोर के आधार पर किसी भी व्यक्ति के प्रोफाइल का अध्ययन करते हैं और उसके बाद होता है कि आपका लोन स्वीकृत होगा या फिर रिजेक्ट होगा । तो ऐसे में यदि आप पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो स्वभाविक रूप से आपका सिबिल स्कोर अच्छा होना चाहिए। सिबिल स्कोर अच्छा होने का मतलब यह भी होता है कि आप फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के प्रति कितने जागरूक और निर्भर है तो ऐसे में टाइम टाइम पर पेमेंट कर कर के आप अपना सिविल स्कोर बढ़ा सकते हैं।

कितने सिविल स्कोर पर कितना लोन मिलता है

यदि आपका सिविल इसको 750 से नीचे पर है तो आप को कर्ज के लिए अप्लाई नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर आपने अप्लाई कर दिया तो आपका व्याज का अमाउंट वो लोन के अमाउंट पे काफी ज्यादा लगेगा । जोकी 13% से लेके 15% से लेकर के 22% तक भी देना पड़ सकता है । तो आपको पर्सनल लोन लेने से पहले अप्लाई करने से पहले 1 बार सोचना चाहिए अपने सिविल स्कूल को मजबूत बनाने के बारे में । हर हर एक क्रेडिट ब्यूरो का अपना सिविल स्कोर का अलग-अलग मानक है मापदंड है किसी का अलग हो सकता है दूसरे का और अलग हो सकता है तीसरे का और अलग हो सकता है। तो यदि आपका सिविल स्कोर 750 प्लस है तो ही आप लोन के लिए अप्लाई करें और यदि सिविल स्कोर कम है तो ऐसे में कर्जा लेने पर यह काफी ऊंची ब्याज दर आपको देना पड़ेगा। लेकिन अगर आप पर्सनल ब्याज दर पर्सनल लोन पर ब्याज दर काफी कम चाहते हैं तो आपका 750 से ज्यादा होना चाहिए।

फ्लिपकार्ट बाई नाउ पे लेटर-₹70000 की क्रेडिट लिमिट-न्यूज़

क्या सिविल स्कोर में सुधार करना संभव है

जी हां सिबिल स्कोर में अच्छे से सुधार किया जा सकता है सिविल स्कोर बहुत जल्दी-जल्दी सुधारने के लिए आपको काम करना पड़ेगा। पहला कर्ज लेकर के समय-समय पर आप भुगतान करके अपने क्रेडिट स्कोर सुधारने के बारे में सोच सकते हैं फिर आप के जितने भी क्रेडिट कार्ड हैं, सब का डिटेल रखो जितने भी अकाउंट हैं, सब का डिटेल रखो।

साथ ही आप अपने किए गए फिक्स डिपॉजिट पर लोन ले सकते हैं ऐसा लोन सिक्योर्ड लोन कहलाता है सिक्योर्ड लोन के लिए कोई गारंटी वारंटी की जरूरत नहीं होती । ऐसे में आपका अनसिक्योर्ड लोन और सिक्योर्ड लोन दोनों को बराबर मात्रा में लेकर के आप अपना क्रेडिट इसको सिर्फ 3 महीने के अंदर जल्दी सुधार सकते हैं उदाहरण के लिए मान लीजिए आप अपने फिक्स डिपॉजिट पर लोन ले रखे हो और आपने अपनी गोल्ड लोन भी ले रखा है अपने गोल्ड को सुरक्षित रखकर बैंक में उस पर लोन जो लेते हैं उसको गोल्ड लोन कहते हैं साथ ही आपने क्रेडिट कार्ड भी ले रखे हैं दो या तीन क्रेडिट कार्ड या एक क्रेडिट कार्ड तो ऐसे में आपके पास दो तरीके के लोन हो गए पहला सिक्योर्ड लोन दूसरा अनसिक्योर्ड लोन जो सिक्योर्ड लोन होता है वह आपकी खुद की किसी प्रॉपर्टी या आपके खुद के पैसे के ऊपर लिया गया लोन होता है जो अनसिक्योर्ड लोन होता है वह क्रेडिट कार्ड पर्सनल लोन जैसा लोन होता है होम लोन भी सिक्योर्ड लोन के अंडर आता है

सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाए इन तरीकों को अपनाकर

यदि आप नीचे दी गई इन सारी स्टेप्स का ढंग से पालन करेंगे तो आपका सिविल स्कोर मात्र एक दो-तीन महीने मैं काफी ज्यादा बढ़ जाएगा।

  • समय-समय पर ईएमआई और क्रेडिट कार्ड का बिल चुकता करें पे करें
  • किसी भी तरीके का ईएमआई चुकाने या चुकता करने में भूल ना करें किसी भी तरीके की क्रेडिट कार्ड के पेमेंट को ना भूले
  • ढेर सारे क्रेडिट कार्ड लेने से अवॉयड करें, ढेर सारे क्रेडिट कार्ड के यूज़ से बचना
  • देरी से किया गया भुगतान आपके सिबिल स्कोर को और क्रेडिट हिस्ट्री को काफी नीचे ले जाता है
  • अपने क्रेडिट कार्ड में मौजूद कुल राशि का 35% से ज्यादा खर्च कभी ना कीजिए यदि संभव हो तो 10 या 15% तक ही सीमित रहें
  • हाई लेवल का क्रेडिट कार्ड ले जैसे जिस क्रेडिट कार्ड को ले रहे हैं उसमें क्रेडिट कम से कम 75000 से एक डेढ़ लाख रुपया मिनिमम होना चाहिए ताकि यदि आप 10 या 15 या 20 हजार तक खर्च करें तो आपके क्रेडिट हिस्ट्री में सिर्फ और सिर्फ 2 से 10 परसेंट ही कुल क्रेडिट का यूज दिखा सके इससे भी क्रेडिट इसको बढ़ता है।
  • क्रेडिट कार्ड का यूटिलाइजेशन जितना अच्छे से हो जाए हो सके आप करिए यानी कुल अवेलेबल बैलेंस का सिर्फ 15 से 20% ही खर्च कीजिए तो आप का क्रेडिट कार्ड यूटिलाइजेशन बहुत अच्छा कहलाता है
  • 6 महीने में 1 से ज्यादा क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई ना करें
  • सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही क्रेडिट कार्ड यूज करें
  • ज्यादा से ज्यादा लोन अकाउंट ना खोलें कम से कम लोन अकाउंट ही रखें जिससे आपको भी ट्रैक करने में काफी आसानी होती है
  • हर किसी कंपनी के क्रेडिट कार्ड लेने से बचें
  • ऐसे किसी भी कॉल से बचे जिसमें कहा जाता है सर आपका क्रेडिट कार्ड प्री अप्रूव्ड है और बस आप कुछ डिटेल दे दीजिए जिससे हम आपको नई क्रेडिट कार्ड के लिए एलिजिबिलिटी जांच लें , ऐसा करने में आपका सिविल इसको भी डाउन होता है क्योंकि यह क्रेडिट हिस्ट्री में नया क्रेडिट कार्ड का पूछताछ जुड़ जाता है
  • क्रेडिट कार्ड में हार्ड इंक्वायरी से हमेशा अपने आप को बचा कर रखें क्रेडिट कार्ड में या सिविल स्कोर में हार्ड इंक्वायरी का मतलब होता है कि आपका सिविल स्कोर डाउन होता है
  • यदि आपको क्रेडिट कार्ड के बारे में ज्यादा जानकारी ना हो तो आप अपने दोस्तों से भी पूछ सकते हैं कि कैसे यूज करना है क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल आपके सिविल इसकोर को काफी खराब कर सकता है
  • अपने क्रेडिट कार्ड को पैसे का भंडार या कुबेर का खजाना ना समझे जितना पे कर सकते हैं सिर्फ और सिर्फ उतना ही क्रेडिट कार्ड से यूज करें
  • आपका जो खाता काफी अच्छा चल रहा हो तो उस अकाउंट को कभी भी बंद करवाने की कोशिश ना करें और उस अकाउंट को जारी रखें
  • आपकी लेनदेन की हिस्ट्री काफी अच्छी होनी चाहिए इससे भी सिविल इसको बढ़ता है और लैंडर्स को आप पर विश्वास जमता है

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दोस्तों अंत में यही कहना चाहूंगा कि सिविल इसको कोई रातो रात का या अलादीन का चिराग नहीं है जो तुरंत ही रिजल्ट दिलाता है सिविल इसकोर में अच्छे रिजल्ट लाने के लिए समय-समय पर आपको भुगतान करना होता है अवेलेबल क्रेडिट का मैक्सिमम 20 परसेंट या 30 परसेंट तक यूज़ करना चाहिए जितने भी लोन लिए आपने चाहे वह पर्सनल लोन हो या होम लोन हो उसको आप समय-समय पर चुकाते रहे हो यदि आपने समय पर चुकाने में कोई चूक की है आपसे कोई भूल हुई है तो ऐसे में आप अपने बैंक से या रिलेटेड एनबीएफसी से या रिलेटेड आर्थिक संस्थान से मदद ले सकते हैं उन्हें यह बताने में कि यह आपसे गलती से हो गई थी आपने जानकर ऐसा कुछ नहीं किया ऐसे में यदि इन सब बातों का आप पालन करेंगे और ध्यान रखेंगे तो आपका सिबिल स्कोर जल्दी से बढ़ता है तो आपने जाना कि सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाए या सिबिल स्कोर क्या होता है यह शिविर को बढ़ाने में कितना समय लगता है सिविल स्कूल पढ़ाने में 3 महीने का कम से कम समय लगता है 3 महीने में आपकी क्रेडिट हिस्ट्री में सिविल इसको देखने लग जाता है जितना सिविल इसको आपका अच्छा रहेगा जितनी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री आपकी अच्छी रहेगी आपको लिए गए होम लोन लिया लिए गए पर्सनल लोन लोन पर ब्याज काफी कम देना पड़ता है।

बैंक लोन के प्रकार भारत में

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